राजनांदगांव। जिले में गुम हुए मोबाईलों को खोज निकालने के अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश पर जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों ने गुम मोबाईलों की बरामदगी के लिए गंभीर प्रयास किए। इस अभियान के तहत बीते दो माह में कुल 89 मोबाईल बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।
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इस अभियान में सबसे अधिक सफलता बसंतपुर थाना को मिली, जहां निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में 30 गुम मोबाईल बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त थाना कोतवाली से 25, सोमनी से 4, घुमका से 2, डोंगरगढ़ से 4, बागनदी से 3, छुरिया से 5, डोंगरगांव से 6, गैंदाटोला से 5 और साइबर सेल द्वारा 5 गुम मोबाईल बरामद किए गए।
आज 12 जुलाई को पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने गुम मोबाईल के असली मालिकों को स्वयं अपने हाथों से मोबाईल लौटाए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाईल सिर्फ संचार का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति की निजी जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स, फोटो, वीडियो और बिजनेस डाटा का संग्रह भी होता है। मोबाईल गलत हाथों में पड़ने पर इसका दुरुपयोग हो सकता है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि मोबाईल में ‘फाइंड माई डिवाइस’ जैसे ऐप्स रखें, सिम गुम होने पर तुरंत बंद करवाएं, पासवर्ड का उपयोग करें और किसी अजनबी को अपना फोन न दें। गुम मोबाईल लौटने पर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने लायक थी। कई लोग जिनकी उम्मीद टूट चुकी थी, उन्होंने पुलिस को धन्यवाद देते हुए इस अभियान की सराहना की।
इस अभियान में बसंतपुर थाना के आरक्षक भवानी थानापति व कुश बघेल सहित सभी थाना प्रभारियों की अहम भूमिका रही।
जनता से अपील: गुम या मिले हुए मोबाईल का उपयोग करना अपराध है। ऐसा मोबाईल मिलने पर नजदीकी थाना या साइबर सेल में जमा करें। साथ ही भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर, मोबाइल को ब्लॉक करवा सकते हैं।




