रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्यार और स्नेह का पर्व, 9 अगस्त 2025 यानी कल मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके लिए मंगलकामनाएं करेंगी। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल और राहु काल को अशुभ माना जाता है, और इन समयों में शुभ कार्य वर्जित हैं।
शुभ मुहूर्त और सावधानियां
सौभाग्यवश, इस साल भद्राकाल सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा, जिससे दिन भर राखी बांधने के लिए शुभ समय उपलब्ध रहेगा। हालांकि, राहु काल का ध्यान रखना जरूरी है:
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राहु काल: सुबह 09:07 बजे से 10:47 बजे तक
ज्योतिषविदों की सलाह है कि इस दौरान राखी बांधने से बचा जाए।
शुभ चौघड़िया मुहूर्त
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उत्तम मुहूर्त: सुबह 07:27 बजे से 09:07 बजे तक
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लाभ मुहूर्त: दोपहर 02:06 बजे से 03:46 बजे तक
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अमृत मुहूर्त: दोपहर 03:46 बजे से 05:26 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक
मुख्य राखी बांधने का मुहूर्त
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शुभ मुहूर्त शुरू: सुबह 5:47 बजे
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शुभ मुहूर्त समाप्त: दोपहर 1:24 बजे
इस दौरान 7 घंटे 37 मिनट का समय राखी बांधने के लिए उपलब्ध रहेगा।
सांस्कृतिक महत्व
रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है। बहनें भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इस बार के शुभ संयोग के साथ यह पर्व और भी विशेष होगा।




