रायपुर। छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड IAS अधिकारी आलोक शुक्ला ने अदालत में नया रिकॉर्ड बना दिया है। खुद गिरफ्तारी देने आए, घंटों बैठे रहे, “मुझे गिरफ्तार कर लो” कहते रहे, मगर कानून ने नज़रअंदाज कर दिया। जी हाँ, अधिकारी गिरफ्तार होना चाहते हैं, लेकिन कोई उन्हें पकड़ने को तैयार नहीं।
2015 का नान घोटाला उनके पीछे पड़ा हुआ है। आरोप है कि घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने एसीबी अधिकारियों पर दबाव डालकर अपने पक्ष में मामला मोड़ा और आराम से जमानत हासिल कर ली। जिंदगी बड़ी शांति से चल रही थी, लेकिन ED ने जांच तेज की तो शुक्ला साहब को फिर से अदालत तक चलना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया। “पहले सरेंडर करो, तभी जमानत पर विचार होगा।” और तभी शुरू हुआ आलोक शुक्ला का ‘सरेंडर शो’। बार-बार अदालत पहुंचना, घंटों बैठकर इंतजार करना, मगर कोई पकड़ने वाला नहीं — ये दृश्य देखकर लोगों के होश उड़ गए।
मजेदार ट्विस्ट तब आया जब ED ने हिरासत लेने से मना कर दिया। अब सोमवार को अदालत में फैसला होगा। दिल्ली से ED की टीम आएगी, कस्टडी तय होगी और नान घोटाले के नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
अधिकारी सरेंडर के लिए बेचैन, कानून धीरे-धीरे चल रहा, अदालत के बाहर ड्रामा ज़ोरों पर, यही है छत्तीसगढ़ के नान घोटाले का नया एपिसोड। आने वाले दिनों में गिरफ्तारी और सियासी उठापटक भी आश्चर्यजनक नहीं होगी।




