रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश ने करोड़ों की लागत से बने नवनिर्मित रीवा एयरपोर्ट की पोल खोल दी। बारिश के बाद एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल धराशायी हो गई, जिससे स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट का निर्माण फरवरी 2023 में शुरू हुआ था और यह अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअली लोकार्पित किया गया था।
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एयरपोर्ट के लिए पांच गांवों की 323 एकड़ जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को 99 साल के लिए दी गई थी। यह प्रदेश का छठवां एयरपोर्ट है, जिसे DGCA से लाइसेंस प्राप्त है। रीवा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बने इस एयरपोर्ट में 2300 मीटर लंबा रनवे है और दो फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है। एक फ्लाइट भोपाल-वाया-खजुराहो से रीवा होकर सिंगरौली जाती है, जबकि दूसरी रीवा से जबलपुर होते हुए भोपाल से जुड़ती है।
मूसलाधार बारिश के चलते एयरपोर्ट परिसर की जमीन धंस गई, जिससे बाउंड्री वॉल का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मैनेजर नवनीत चौधरी ने जानकारी दी कि बारिश के पानी का अत्यधिक दबाव बाउंड्री वॉल नहीं झेल पाई और गिर गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि रनवे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी है।
चौधरी ने कहा कि बाउंड्री वॉल का निर्माण हवा और सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया था, न कि जलनिकासी को ध्यान में रखकर। अब इसे नए सिरे से डिजाइन कर मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है और अगले चरण में यहां 72 सीटर विमानों का संचालन भी शुरू किया जाएगा। लेकिन पहली ही भारी बारिश में बाउंड्री वॉल का ढह जाना निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और पुनर्निर्माण की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।




