दुर्ग। कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी “संविधान बचाओ” आंदोलन के तहत 2 जून को दुर्ग में जिला स्तरीय रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विशेष रूप से शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर बुधवार को राजीव भवन, दुर्ग में एक बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम के पूर्व अध्यक्ष अरुण वोरा ने की।
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बैठक को संबोधित करते हुए अरुण वोरा ने कहा कि संविधान आज गंभीर खतरे में है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरक्षण प्रणाली को कमजोर करने, अल्पसंख्यकों को डराने, तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ — विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका — आज दबाव में हैं और यदि समय रहते आवाज़ नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए लोकतांत्रिक अधिकार केवल नाम मात्र रह जाएंगे।
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बैठक में रैली के मार्ग, जिम्मेदारियों का बंटवारा और संगठनों की भागीदारी पर चर्चा की गई। इस अवसर पर राकेश ठाकुर, गया पटेल, मुकेश चंद्राकर, राजेन्द्र साहू, नीरज पाल, शशि सिन्हा, शिजू एंथनी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
2 जून को प्रस्तावित यह रैली संविधान और लोकतंत्र की रक्षा हेतु एक बड़ा जनसमूह जुटाने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है।




