रायपुर। ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर जब शहर लगातार बारिश की चपेट में था, उस वक्त सीरत कमेटी ने इंसानियत और सेवा की सबसे बड़ी मिसाल पेश की। गरीब और जरूरतमंद मरीजों तक खुशियां पहुंचाने के उद्देश्य से कमेटी ने जिला चिकित्सा अस्पताल, कुष्ठ रोग बस्ती, मंडी गेट, मेकाहारा और डीकेएस अस्पताल में जाकर मरीजों को फल वितरित किए।
सेवा का सच्चा संदेश
कमेटी के अध्यक्ष सोहैल सेठी और उनकी पूरी टीम ने बरसते पानी को नज़रअंदाज़ करते हुए मरीजों और उनके परिजनों तक मदद पहुंचाई। इस मौके पर युवा नेता जीशान सिद्दीकी भी मौजूद रहे और उन्होंने अपने हाथों से मरीजों को फल बांटकर इंसानियत का पैगाम दिया।

सोहैल सेठी ने कहा – “ईद मिलादुन्नबी का असली मतलब यही है कि हम जरूरतमंदों के बीच जाएं, उनकी तकलीफें बांटें और अपनी खुशियां उनके साथ साझा करें। सीरत कमेटी आगे भी ऐसे सामाजिक कार्य करती रहेगी ताकि त्योहारों की रौनक सिर्फ घरों तक सीमित न रहकर अस्पतालों, झुग्गियों और बस्तियों तक पहुंचे।”
राजनीति से ऊपर सेवा
भाजपा युवा नेता जीशान सिद्दीकी ने भी साफ कहा – “सेवा का कार्य राजनीति से कहीं ऊपर है। हर त्योहार हमें यही सिखाता है कि इंसानियत और भाईचारे से ही समाज आगे बढ़ सकता है।”
मरीजों के चेहरों पर मुस्कान
फल पाकर मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर जो मुस्कान आई, उसने इस प्रयास को और भी खास बना दिया। खासकर कुष्ठ रोग बस्ती और मंडी गेट जैसे इलाकों में जहां लोग अक्सर उपेक्षा का शिकार होते हैं, वहां यह पहल बेहद भावुक कर देने वाली रही। मरीजों ने कहा कि त्योहार के इस दिन उन्हें भी यह एहसास हुआ कि वे अकेले नहीं हैं, समाज उनके साथ खड़ा है।
अस्पतालों का सकारात्मक माहौल
अस्पतालों के डॉक्टरों और स्टाफ ने भी इस सेवा-कार्य की सराहना की। उनका कहना था कि मरीजों के लिए यह छोटा-सा प्रयास भी उनके इलाज और मनोबल में सकारात्मक ऊर्जा का काम करता है।
सीरत कमेटी का यह कदम साबित करता है कि ईद मिलादुन्नबी का सबसे बड़ा संदेश इंसानियत, बराबरी और भाईचारा है। बरसते पानी में भी सेवा का जज़्बा लेकर पहुंची टीम ने यह याद दिला दिया कि जब इंसान धर्म, जाति और राजनीति से ऊपर उठकर दूसरों की मदद करता है, तभी किसी त्योहार की असली सार्थकता पूरी होती है।




