रायपुर। भारतीय धार्मिक परंपराओं में अगरबत्ती को केवल एक सुगंधित वस्तु नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का अहम हिस्सा माना गया है। सुबह-सुबह जब पूजा के समय अगरबत्ती की सौम्य सुगंध वातावरण में फैलती है, तो यह न केवल मन को शांत करती है, बल्कि पूरे घर को सकारात्मक ऊर्जा से भी भर देती है।
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घर में लक्ष्मी का वास और मानसिक शांति
धार्मिक मान्यता है कि जहां रोज़ श्रद्धा से अगरबत्ती जलाई जाती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है और दरिद्रता दूर रहती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह मान्यता सटीक बैठती है — खुशबू मस्तिष्क की तरंगों को सक्रिय करती है और व्यक्ति के सोचने का तरीका सकारात्मक बनाती है।
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार लाभकारी
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में भी सुबह अगरबत्ती जलाने की सलाह दी गई है। चंदन, कपूर, लोबान और केवड़ा जैसे पारंपरिक सुगंधों वाली अगरबत्तियां मानसिक एकाग्रता बढ़ाती हैं और मन प्रसन्न करती हैं।
ऐसे करें अगरबत्ती का सही प्रयोग
- स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर बैठें।
- दीपक जलाने से पहले अगरबत्ती को प्रज्वलित करें।
- अगरबत्ती को पूजा स्थान के पूर्व या उत्तर दिशा में लगाएं।
- जलाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का उच्चारण करें।
- एक बार में केवल एक ही अगरबत्ती जलाएं ताकि धुएं की मात्रा संतुलित बनी रहे।




