जांजगीर-चांपा। धरदेई गांव में एक परिवार की कहानी कुछ ही दिनों में खत्म हो गई। पहले सड़क हादसे में इकलौते बेटे की मौत हुई। और अब उसी बेटे के गम में उसके माता-पिता ने भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
रमाबाई पटेल (47) और कृष्णा पटेल (48) का शव सोमवार सुबह घर के पास पेड़ पर एक साथ फंदे से लटका मिला। दृश्य ऐसा था, जिसे देख गांव वाले सन्न रह गए। कुछ दिन पहले तक जिस घर में बेटे के जाने का मातम था, वहां अब दो और अर्थियां उठने की तैयारी थी।
जानकारी के अनुसार, दंपति का इकलौता बेटा हाल ही में सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की नींव ही हिला दी। ग्रामीण बताते हैं कि बेटे की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि माता-पिता भीतर से टूट चुके थे। वे कम बोलते थे, घर से कम निकलते थे और अक्सर गुमसुम बैठे रहते थे।
सोमवार सुबह दोनों के शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। शिवरीनारायण थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को नीचे उतारकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में बेटे की मौत से उपजे गहरे मानसिक आघात को इस आत्मघाती कदम की वजह माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
यह घटना केवल एक परिवार की निजी त्रासदी नहीं है। यह उस असहनीय शोक की तस्वीर है, जो कभी-कभी शब्दों से परे चला जाता है। एक सड़क हादसे ने पहले बेटे को छीना, फिर उसी दर्द ने माता-पिता को भी निगल लिया। धरदेई गांव में अब सन्नाटा है और पीछे छूट गई है तीन जिंदगियों की एक साथ बुझी हुई कहानी।




