रायपुर, राजधानी की प्रतिष्ठित पृथ्वीग्रीन कॉलोनी में हुई 30 लाख रुपये की चोरी के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चार घरों के ताले तोड़कर नकद और जेवरात चुराकर फरार हुए पेशेवर चोरों को पुलिस ने दिल्ली, ग्वालियर और बलौदाबाजार से ट्रैक कर गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में आधुनिक कंट्रोल रूम और CCTV नेटवर्क की अहम भूमिका रही।
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SP पटेल ने निभाया वादा
चोरी की शिकायत लेकर जब पीड़िता पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के पास पहुंची, तो उन्होंने भरोसा दिलाया था, ” कुछ ही दिनों में पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि चोरी का माल बरामद कर पीड़िता को लौटा दिया। पीड़िता की खुशी आंसुओं में झलक रही थी।
CCTV से हुआ खुलासा
पुलिस ने कॉलोनी के CCTV फुटेज, संदिग्ध कार (CG 04 KY 8365) की ट्रैकिंग और रायपुर एयरपोर्ट के फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया। जांच में पता चला कि चोरी के बाद आरोपी फ्लाइट से दिल्ली भाग गए थे और वहां ऐशो-आराम में चोरी की रकम खर्च कर रहे थे। एक नाबालिग आरोपी को ग्वालियर से, जबकि अन्य को मुंगेली, बलौदाबाजार और मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया “
30 लाख से अधिक का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों से ₹20.14 लाख नकद, ₹6.65 लाख के सोने-चांदी के जेवर, ₹4 लाख की कार और ₹48,000 का मोबाइल बरामद किया, जिनकी कुल कीमत ₹30,67,740 है। हालांकि, कुछ रकम आरोपियों ने दिल्ली में खर्च कर दी थी।
चार गिरफ्तार, दो फरार
गिरफ्तार आरोपियों में वेदप्रकाश साहू उर्फ बेदू (भाटापारा), गुलशन साहू (सिंगारपुर) और दो विधि संघर्षरत किशोर शामिल हैं। दो अन्य आरोपी, संदीप सतनामी और मंजीत, अभी फरार हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई को “ऑपरेशन बाज” नाम दिया है, जो पेशेवर और फरार अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है।




