शिमला
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बीते 30 घंटों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने फिर एक बार 2023 की आपदा की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। तेज बारिश के कारण जिले में बादल फटने, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
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चार की मौत, 16 लोग अब भी लापता
अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग अभी भी लापता हैं। राहत व बचाव कार्य में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। अब तक 170 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन खुद मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
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करसोग बना तबाही का केंद्र, 1 की मौत, 4 लापता
सबसे अधिक नुकसान मंडी के करसोग क्षेत्र में हुआ है, जहां बादल फटने की घटना के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह के अनुसार, करसोग में एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि चार अन्य लोग अब भी लापता हैं। राहत अभियान के तहत क्षेत्र से 19 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
सड़कों पर मलबा, यातायात ठप
बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे मुख्य मार्गों पर मलबा आ गया है और यातायात बाधित हो गया है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे समेत कई संपर्क मार्गों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी
जिले में लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। साथ ही मौसम विभाग ने मंडी और आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रशासन की ओर से राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को ठहराने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है और लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।




