छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छः साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कांग्रेस ने जांच समिति गठित की है। इसमें तीन मौजूदा महिला विधायक, एक पूर्व विधायक और राजनांदगांव की पूर्व महापौर को शामिल किया गया है। इस जांच समिति को बालोद की विधायक संगीता सिंह लीड करेंगे। उन्हें जांच समिति का संयोजक बनाया गया है। जबकि खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल, पूर्व विधायक छन्नी साहू, और राजनांदगांव की पूर्व महापौर हेमा देशमुख सदस्य होंगी। कांग्रेस जांच समिति की घोषणा रविवार को की है।
बताते चलें कि शनिवार को दुर्ग जिले में कन्या भोज के लिए अपने दादी के घर आई छः साल की मासूम बच्ची के साथ उसके चाचा ने ही पहले हैवानियत की सारी हदें पर की। उसके बाद पकड़े जाने के डर से बच्ची की बड़ी बेरहमी से हत्या कर शव को कार की डिक्की में छुपा दिया था। इस मामले में पुलिस ने शव बरामद करने के बाद कुछ चौंकाने वाले खुलासे भी किये है। पुलिस ने शोर्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर बताया था कि दुष्कर्म के बाद बच्ची को सिगरेट से दागे गए थे। वहीं उसे बिजली के झटके भी दिए गए थे। मासूम बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत के खिलाफ जहां प्रदेश भर में आक्रोश है। वहीं कांग्रेस इस मामले में जांच समिति बनाने के बाद राज्य भर में धरना और प्रदर्शन भी कर रही है।
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उपमुख्यमंत्री शर्मा कर सकते है परिजनों से मुलाकात
खबर है कि आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दुर्ग पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं बताया जा रहा है कि मुआवजा राशि का भी वे ऐलान कर सकते हैं।
इस मामले में वकीलों का ऐतिहासिक फैसला
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना शाम 7 बजे रायपुर के घड़ी चौक पर कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताएगी। इसके अलावा अधिवक्ता संघ ने फैसला किया है कि बच्ची के रेप और मर्डर केस में कोई वकील आरोपी का केस नहीं लड़ेगा




