CG Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को फिलहाल किसी प्रकार की राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। शुक्रवार को उनकी 5 दिन की ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अब कवासी लखमा 25 अप्रैल तक जेल में रहेंगे।
इस घोटाले में बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों- एपी त्रिपाठी, अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी को जमानत दी थी, जबकि प्रमुख आरोपी पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को कोई राहत नहीं मिली है। इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही है।
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CG Liquor Scam Case: जांच एजेंसी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि तत्कालीन आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी, पूर्व IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर की आपसी मिलीभगत से यह घोटाला अंजाम दिया गया।
अब तक 7 लोगों की हुई गिरफ्तारी
CG Liquor Scam Case: केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इस मामले में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें प्रमुख नाम एपी त्रिपाठी, अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के हैं। इनके अलावा, नकली होलोग्राम बनाने वाली नोएडा स्थित प्रिज्म कंपनी के मैनेजर दिलीप पांडे, कर्मचारी अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह और दीपक दुआरी को भी गिरफ्तार किया गया।
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पूर्व IAS अनिल टुटेजा पर गंभीर आरोप
पूर्व IAS अनिल टुटेजा पर आरोप है कि उन्होंने शराब डिस्टलरी से अवैध कमीशन वसूलने में सक्रिय भूमिका निभाई। ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। वर्ष 2024 में PMLA के तहत जांच शुरू होने के बाद अप्रैल 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया गया।




