जयपुर। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से ताल्लुक रखने वाले डॉ. प्रदीप व्यास और उनका पूरा परिवार अहमदाबाद प्लेन क्रैश की त्रासदी का ऐसा शिकार बना, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। ऊपर जो तस्वीर आप देख रहे हैं, वह उनके जीवन की आखिरी मुस्कान की झलक है। इसमें डॉ. प्रदीप व्यास, उनकी पत्नी डॉ. कोनी व्यास और उनके तीन मासूम बच्चे — प्रद्युत, मिराया और नकुल जोशी — प्लेन की सीट पर बैठे हुए लंदन जाने की खुशी में चमकते चेहरे के साथ दिखाई दे रहे हैं। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद इस परिवार की खुशियों को मौत ने निगल लिया।
यह आखिरी सेल्फी अब सोशल मीडिया और पूरे देश में एक भावनात्मक प्रतीक बन चुकी है, जो यह बताती है कि जीवन कभी भी कितनी तेजी से करवट ले सकता है।
डॉ. कोनी व्यास उदयपुर के पेसिफिक हॉस्पिटल में कार्यरत थीं। हाल ही में उन्होंने अपने पति डॉ. प्रदीप व्यास के साथ लंदन में बसने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने एक महीने पहले ही अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। पेसिफिक हॉस्पिटल प्रबंधन ने पुष्टि की कि वे बेहद समर्पित डॉक्टर थीं और अपने परिवार को साथ लेकर एक नई शुरुआत करने जा रही थीं।
अहमदाबाद प्लेन हादसे में टाटा ग्रुप की मानवीय पहल: मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ की सहायता, घायलों का इलाज और हॉस्टल पुनर्निर्माण का उठाया बीड़ा
हादसे में न केवल पांच जिंदगियां एक साथ बुझ गईं, बल्कि बांसवाड़ा और उदयपुर के मेडिकल समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई। कोनी की एक और पारिवारिक तस्वीर सामने आई है, जिसमें पूरा परिवार अपने घर में सुकून और प्यार के पल बिता रहा है — एक ऐसा दृश्य, जो अब केवल यादों में रह जाएगा।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश की पूरी दास्तान: टेक-ऑफ के कुछ मिनटों बाद हुआ भयावह हादसा, जलते मलबे से चमत्कारिक रूप से बचा एक यात्री, 204 की मौत की पुष्टि, पूर्व CM विजय रूपाणी का निधन
अहमदाबाद प्लेन क्रैश न केवल देश की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बन गया है, बल्कि इस जैसे परिवारों की कहानियों ने पूरे देश की आंखें नम कर दी हैं। डॉ. प्रदीप और डॉ. कोनी का सपना अधूरा रह गया — लेकिन उनकी मुस्कराती ‘आखिरी सेल्फी’ हमें यह याद दिलाती है कि जीवन कितना नाजुक और अनमोल है।




