शिमला
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। लगातार हो रही तेज बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखा गया है, जहां पिछले 15 घंटों से लगातार बारिश हो रही है।
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बादल फटने से मंडी में तबाही
मंडी जिले के करसोग और सयाठी गांव में बादल फटने की घटनाओं से भारी तबाही हुई है। सयाठी गांव में कई घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करसोग इलाके में 7 लोग लापता हैं जबकि 1 शव बरामद किया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन खराब मौसम और भारी बारिश के चलते मुश्किलें बढ़ रही हैं।
पंडोह में बांध से छोड़ा गया पानी, मची भगदड़
बारिश के चलते पंडोह डैम से 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके कारण पंडोह बाजार में जलभराव और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। देर रात तक लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के आसपास न जाएं और अलर्ट रहें।
शिमला में गिरी पांच मंजिला इमारत
राजधानी शिमला में भी हालात चिंताजनक हैं। यहां एक पांच मंजिला इमारत महज 5 सेकंड में जमींदोज हो गई। जानकारी के अनुसार यह इमारत फोरलेन सड़क निर्माण के कारण कमजोर हो चुकी थी और पहले ही दरारें आ गई थीं। प्रशासन ने पहले से ही बिल्डिंग को खाली करा लिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
स्कूल-कॉलेज बंद, हाईवे भी ठप
मंडी और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे को भी भूस्खलन के चलते कई जगहों पर बंद करना पड़ा है। यातायात पूरी तरह प्रभावित है और प्रशासन ने लोगों से गैर जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) ने मंडी जिले के लिए आज भी रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों को प्रभावित कर रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।




