नई दिल्ली। 11 जुलाई से सावन का पावन महीना शुरू हो रहा है और इसका समापन 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा। हिन्दू धर्म में सावन का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है, विशेषकर भगवान शिव की उपासना के लिए। कहा जाता है कि इस दौरान शिवजी की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, सावन के इन शुभ दिनों में घर में दीपक जलाना अत्यंत फलदायी होता है। मान्यता है कि यह उपाय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है और घर में समृद्धि तथा सुख-शांति का वास होता है।
विशेष रूप से सावन के पहले दिन या पहले सोमवार की रात भगवान शिव के समक्ष दीपक जरूर जलाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और दरिद्रता समाप्त होती है।
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इसके साथ ही, सावन की शाम या पहले सोमवार की शाम को घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाने की परंपरा है। वास्तु के अनुसार यह देवताओं की दिशा मानी जाती है और यहां दीपक प्रज्वलित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इसके अलावा, सावन के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर मिट्टी का चौमुखी दीया जलाना भी बहुत शुभ माना जाता है। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मकता लाता है।
रसोई घर में भी दीपक जलाने की परंपरा है क्योंकि इसे मां अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है। कहा जाता है कि रसोई में दीया जलाने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और दरिद्रता का वास नहीं होता।
इस प्रकार, सावन का पहला दिन वास्तु के अनुसार दीप प्रज्वलन के लिए अत्यंत उपयुक्त होता है और इससे जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।




