वॉशिंगटन। अमेरिका ने 4 जुलाई को अपना 249वां स्वतंत्रता दिवस मनाया, लेकिन इस बार का जश्न कई इलाकों में फीका नजर आया। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई आयोजनों को या तो रद्द कर दिया गया या सीमित कर दिया गया। इसका प्रमुख कारण ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति और उससे उपजे डर को माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि लोग संघीय नीतियों और नस्लीय पहचान के आधार पर कार्रवाई की आशंका से डरे हुए हैं।
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दक्षिणी कैलिफोर्निया में कई समुदायों ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। लॉस एंजिल्स के एल सेरेनो इलाके में इस बार परंपरागत परेड रद्द कर दी गई क्योंकि 90 प्रतिशत प्रतिभागियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भाग लेने से इनकार कर दिया। आयोजकों में से एक जेनी गुएरेरो ने बताया कि लोग देशभक्ति की भावना रखते हैं, लेकिन वर्तमान माहौल में वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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गुएरेरो ने कहा, “लोगों को डर है कि उन्हें नस्लीय आधार पर निशाना बनाया जा सकता है, और यही वजह है कि वे सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होने से बच रहे हैं।” इसी तरह बेल गार्डन्स और डाउनटाउन के ब्लॉक पार्टी जैसे कई स्थानीय आयोजन भी रद्द कर दिए गए।
सिर्फ कैलिफोर्निया ही नहीं, अमेरिका के अन्य हिस्सों में भी कुछ डेमोक्रेट समर्थक 4 जुलाई के उत्सव को मनाने के तरीकों पर पुनर्विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्वतंत्रता दिवस मनाने का यह समय ठीक नहीं है जब कई समुदाय खुद को असुरक्षित और अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।
इस बार का स्वतंत्रता दिवस अमेरिकी समाज में गहराते सामाजिक और राजनीतिक विभाजन को भी उजागर करता है, जहां एक तरफ देशभक्ति है तो दूसरी ओर भय और असुरक्षा की भावना भी बढ़ती जा रही है।




