नई दिल्ली
दुनिया में कई तरह के जहरीले सांप पाए जाते हैं जिनमें किंग कोबरा, कॉमन करैत और रसेल वाइपर जैसे सांप बेहद खतरनाक माने जाते हैं। इनकी एक डस से कुछ ही पल में इंसान की मौत हो सकती है। लेकिन अब भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे इन घातक जहरों का इलाज संभव हो सकता है। बीकानेर स्थित नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन कैमल (NRCC) की स्टडी में सामने आया है कि ऊंट के आंसुओं में ऐसे एंटीबॉडी पाए जाते हैं, जो 26 प्रकार के जहरीले सांपों के जहर को निष्क्रिय कर सकते हैं।
ट्रंप का टैरिफ बम, जापान और कोरिया पर फटा
इस रिसर्च के मुताबिक ऊंट के आंसुओं में पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीडोट्स सॉस्केल्ड वाइपर जैसे जहरीले सांप के जहर के प्रभाव को भी खत्म करने में सक्षम हैं। इसके चलते चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से न केवल भारत में बल्कि उन देशों में भी बड़ी राहत मिल सकती है जहां हर साल हजारों लोग सांप के काटने से अपनी जान गंवा देते हैं।
फैटी लिवर की समस्या का घरेलू इलाज, 14 दिन में दिखेगा असर
यह बात केवल एक संस्थान की खोज तक सीमित नहीं है। लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन और दुबई की सेंट्रल वेटरनरी रिसर्च लेबोरेटरी सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने भी इस दिशा में रिसर्च की है और ऊंट के आंसुओं में मौजूद एंटीबॉडी को सांप के जहर के खिलाफ असरदार पाया है।
रिसर्च के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि ऊंट के आंसुओं की कीमत में इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन आंसुओं से भविष्य में ऐसे टीके या दवाएं तैयार की जा सकती हैं, जो स्नेकबाइट के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। यह खोज उन लाखों लोगों के जीवन को बचाने में मददगार साबित हो सकती है, जो हर साल सांपों के काटने का शिकार होते हैं।




