दुर्ग। आगामी त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के मद्देनज़र दुर्ग पुलिस ने जिलेभर के डीजे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। पुलिस नियंत्रण कक्ष, भिलाई में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने की। बैठक में दुर्ग जिले के करीब 100 डीजे संचालक उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, एनजीटी और शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देना और आगामी आयोजनों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग सुनिश्चित करना था।
Read Also- छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र: प्रश्नकाल में उठे जनहित के मुद्दे, कई विधेयकों के संशोधन प्रस्ताव पेश, साइबर क्राइम, पीएम आवास, मनरेगा से लेकर शिक्षा व सिंचाई पर हुई चर्चा
75 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए ध्वनि
बैठक में स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग क्षेत्र की पार्श्व ध्वनि सीमा से 10 डेसिबल (ए) अधिक या अधिकतम 75 डेसिबल (ए) से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों और वाद्य यंत्रों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
वाहनों पर साउंड सिस्टम रहेगा प्रतिबंधित
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि वाहनों में साउंड सिस्टम लगाकर तेज आवाज में डीजे बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, यदि किसी आयोजन के दौरान सड़क मार्ग को अवरुद्ध किया गया तो आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Read Also- घुसपैठियों को लेकर गरमाई राजनीति, भाजपा का AI वीडियो और कांग्रेस पर निशाना
पूर्व अनुमति अनिवार्य
किसी भी शासकीय संपत्ति या अन्य सार्वजनिक सुविधा का उपयोग डीजे अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए तभी किया जा सकेगा जब संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति ली गई हो। बिना अनुमति के आयोजन करने पर संबंधित व्यक्ति जिम्मेदार माना जाएगा और उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ध्वनि नियंत्रण नियमों का होगा सख्त पालन
अधिकारियों ने बताया कि एनजीटी के मानकों, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 तथा सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के आदेशों के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कोई भी व्यक्ति इन नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Read Also- ईडी की बड़ी कार्रवाई: होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के ठिकानों पर छापा, 70 लाख नकद और दस्तावेज जब्त
घोषित किए गए ‘साइलेंस जोन’
बैठक में बताया गया कि जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय अस्पताल, शिक्षण संस्थान, न्यायालय, और शासकीय कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे को ‘साइलेंस जोन’ घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा।
अधिकारियों ने की संयम और सहयोग की अपील
बैठक में दुर्ग ग्रामीण के एएसपी अभिषेक झा एवं सीएसपी भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी ने उपस्थित डीजे संचालकों को कानूनों की जानकारी दी और सभी से अपील की कि वे नियमों का पूरी तरह से पालन करें और समाज में शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
Read Also- शराब पीकर स्कूल आने और अवैध वसूली के आरोप में प्राचार्य निलंबित
एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि, कानून का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। त्योहारों की खुशी तभी सार्थक होगी जब वह समाज में किसी प्रकार की अशांति या असुविधा न पैदा करे। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।`




