नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत पहले ही दिन हंगामे के साथ हुई। पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि, पहलगाम हमले के आतंकी न पकड़े गए हैं और न ही मारे गए। खुद जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर ने इंटेलिजेंस फेलियर की बात स्वीकार की है। खड़गे ने आगे कहा, ट्रंप 24 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया। ऐसे में सरकार को स्पष्ट रूप से जवाब देना चाहिए।
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वहीं सरकार की ओर से जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा, देश में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती। हम हर पहलू पर खुले मन से चर्चा को तैयार हैं। ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सभी तथ्यों को देश के सामने रखा जाएगा।
इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विपक्ष से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि, सदन में प्रश्नकाल के बाद ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार हर सवाल का जवाब देगी। लेकिन पहले ही दिन सदन को बाधित करना संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है। हमें इस परंपरा को तोड़ना होगा।




