बेंगलुरु। जनता दल (सेक्युलर) से निष्कासित नेता और पूर्व लोकसभा सांसद प्रज्वल रेवन्ना को घरेलू कामगार के साथ बलात्कार के मामले में बेंगलुरु स्थित जनप्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। जैसे ही अदालत ने फैसला सुनाया, पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना कोर्ट में ही भावुक हो उठे और फूट-फूटकर रोने लगे। उल्लेखनीय है कि यह फैसला एफआईआर दर्ज होने के महज 14 महीने बाद आया है। अदालत सजा की अवधि का ऐलान 2 अगस्त को करेगी।
गंभीर आरोपों का सामना
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। उनके खिलाफ यौन हिंसा और बलात्कार के कुल चार मामलों में गंभीर आरोप लगे हैं। 28 अप्रैल से 10 जून 2024 के बीच हसन जिले के होलेनरसीपुरा पुलिस स्टेशन में चार एफआईआर दर्ज की गई थीं। वहीं, दो साइबर क्राइम मामलों में से एक एफआईआर सीआईडी के अधीन साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी।
Read Also- उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: चुनाव आयोग ने जारी की तारीख, जानें कब-कैसे होगी वोटिंग और कब आएगा रिजल्ट
तकनीकी जांच और वीडियो विवाद
इस मामले में एक कथित अश्लील वीडियो भी सामने आया था, जिसे लेकर अदालत ने तकनीकी स्पष्टीकरण मांगा था। अदालत को यह स्पष्ट करना था कि वीडियो प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल से उनके ड्राइवर कार्तिक के मोबाइल में कैसे ट्रांसफर हुआ। सीआईडी के तहत गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अदालत को विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें डिजिटल लॉग्स, वीडियो का मेटाडेटा विश्लेषण और ट्रांसफर माध्यमों (जैसे व्हाट्सएप, ब्लूटूथ) की पुष्टि शामिल थी।
परिवार पर भी कानूनी शिकंजा
केवल प्रज्वल ही नहीं, उनके पिता और वर्तमान होलेनरसीपुरा विधायक एच. डी. रेवन्ना पर भी कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। उनके खिलाफ केआर नगर पुलिस स्टेशन में एक अलग मामला दर्ज किया गया है।




