नई दिल्ली/ रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आगामी 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उल्लेखनीय है कि इस दिन राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ को अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने इस भेंट के दौरान प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा, और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति इसकी महत्ता को और बढ़ाएगी।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’ नामक एक दूरदर्शी दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इस विज़न दस्तावेज़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार और नवाचार पर बल दिया गया है।
जन विश्वास विधेयक और SCRDA की जानकारी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने केंद्र के जन विश्वास अधिनियम 2023 से प्रेरणा लेते हुए ‘जन विश्वास विधेयक 2025’ पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की न्याय तक पहुंच अधिक सुलभ हुई है। साथ ही उन्होंने राजधानी नवा रायपुर के योजनाबद्ध विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी साझा की, जो राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट और तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने में जुटा है।
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औद्योगिक निवेश और रोजगार पर ज़ोर
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल और त्वरित हो गई है।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को एक उभरते तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण पर बल दे रही है, विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में। डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों की सहायता से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री ने “मेडिसिटी” और “एडु सिटी” जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं की जानकारी दी। रायपुर में विकसित हो रही मेडिसिटी को एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान मिलेगी।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विश्वास बहाली
मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के चलते बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर रुख किया है। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे नागरिकों का शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।




