बिलासपुर। बिलासपुर और रायपुर के बीच नेशनल हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों में मवेशियों की मौतों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस गंभीर मुद्दे पर राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के जिम्मेदार अधिकारियों से शपथपत्र के माध्यम से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में कई बार रोडमैप तैयार करने, निगरानी बढ़ाने और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से ठोस कार्यवाही नहीं की जा सकी है। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर को इस संबंध में शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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20 दिन में तीन हादसे, 50 से अधिक मवेशियों की मौत
बीते 20 दिनों में हाईवे पर हुए तीन अलग-अलग हादसों में 50 से अधिक गौवंशों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला 30 जुलाई का है, जब बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर एक अज्ञात भारी वाहन ने 16 से अधिक गायों को कुचल दिया। इस हादसे में 15 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।
अदालत के सख्त निर्देश
हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई एक जनहित याचिका के तहत कर रही है, जिसमें राज्य सरकार से यह पूछा गया है कि मवेशियों को सड़कों से हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने पूर्व में भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए रोडमैप तैयार करने, कार्रवाई की निगरानी करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कारगर उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, हालात में कोई सुधार नहीं आया है।




