SCO Summit 2025: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की समिट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रविवार को करीब एक घंटे तक द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति, व्यापारिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और चीन के बीच सहयोग पूरे मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने विशेष रूप से आश्वासन, सम्मान और संवेदनशीलता को द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का आधार बताया। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत चीन के साथ इन तीन सिद्धांतों पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कहा कि दुनिया तेज़ी से बदल रही है और ऐसे समय में भारत और चीन का साथ आना आवश्यक है। उन्होंने दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी और साझेदार बनने का संदेश दिया और कहा कि यह न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि वैश्विक शांति और विकास के लिए भी सही विकल्प है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार कज़ान में हुई अपनी मुलाकात का भी उल्लेख किया और कहा कि तब की सार्थक चर्चा ने दोनों देशों के रिश्तों को सकारात्मक दिशा दी। उन्होंने बताया कि सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है। इसके अलावा, सीमा प्रबंधन को लेकर विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ है, कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल हो रही हैं।
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शी जिनपिंग ने भी कहा कि भारत और चीन की दोस्ती न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि मानव समाज की प्रगति और विकासशील देशों की एकजुटता के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीएम मोदी का SCO समिट में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया और दोबारा जोर दिया कि ड्रैगन और हाथी का साथ वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए जरूरी है।




