दुर्ग। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने वाले अधिवक्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने भिलाई के सुपेला चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें और तख्तियां लेकर नारेबाजी की और आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की।
तीन प्रमुख मुद्दों पर जताई नाराजगी
भीम आर्मी ने इस प्रदर्शन में तीन मुख्य मुद्दों को उठाया। इनमें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ अभद्र व्यवहार, बाबा साहब अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी और हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या शामिल हैं। इन सभी मामलों में न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर जमकर आवाज उठाई।
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सीजेआई के अपमान से देश स्तब्ध
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के दुर्ग जिले के पदाधिकारी राहुल गौड़ ने कहा कि एक अधिवक्ता द्वारा सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना से पूरा देश स्तब्ध है। उन्होंने इसे केवल मुख्य न्यायाधीश के अपमान के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय संविधान और न्यायपालिका की गरिमा पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह कृत्य न्याय व्यवस्था को कमजोर करने और लोकतंत्र की नींव को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
दुर्ग जिला के पूर्व महासचिव निशांत कुमार ने कहा कि आरोपी अधिवक्ता ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं दिखाया, जो उसकी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो भीम आर्मी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
समाज को एकजुट होने की अपील
प्रदर्शनकारियों में शामिल स्वप्निल बंसोड़ ने कहा कि यह घटना दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज के प्रति घृणित मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने संविधान की रक्षा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। भीम आर्मी ने स्पष्ट किया कि संविधान और न्यायपालिका की गरिमा से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगा।




