दुर्ग। जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता के खेत में अफीम की अवैध खेती मिलने के बाद मामला अब सियासी रंग ले चुका है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी खेत की ओर पहुंचने लगे, जिन्हें पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिलने के बाद 6 मार्च को समोदा गांव में छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे बरामद किए गए थे। यह खेत भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेताओं के नाम से बताया जा रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौके का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी खेत में पहुंचने लगे। पुलिस ने सुरक्षा और जांच का हवाला देते हुए लोगों को खेत में जाने से रोका। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते झूमाझटकी की स्थिति बन गई।
मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा ने संबंधित नेता को संगठन से सस्पेंड कर दिया है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया प्रथा (आधी फसल के बंटवारे) पर खेती के लिए दी गई थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और खेत से मिले अफीम के पौधों के नमूने लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इलाके में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।




