कोंड़ागांव। छत्तीसगढ़ में मौजूद हल्बा समाज अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक होने और उसे संरक्षित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हो चुका है। हल्बा समाज ने पहले ही विवाह और छट्ठी जैसे उत्सवों में मेहमानों को शराब का सेवन कराने, बफे सिस्टम में खाना खिलाने और डीजे बजाने को लेकर पूर्ण प्रतिबंध लगा चुका है। बावजूद इसके कुछ लोग सामाजिक आदेश का पालन करते हुए नजर आ रहे हैं।
रविवार को कोंड़ागांव जिले के कोपरा स्थित सामाजिक भवन में हुई सामाजिक बैठक में इस बात की समीक्षा की गई। बैठक में समाज के सामने शिकायत आई की कुछ गांवों में प्रतिबंध के बावजूद विवाह और छट्ठी कार्यक्रमों में डीजे चलाया गया था। इसके बाद संबंधित लोगों पर सामाजिक कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी कर दिया गया है।
आधुनिकता के नाम पर पारंपरिक व्यवस्था कमजोर
समाज का कहना है कि आधुनिकता के नाम पर पारंपरिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। इसीलिए सामाजिक नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य किया जा रहा है। पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया। बैठक में सामाजिक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अब आने वाले विवाह सीजन में समाज की नजर नियम तोड़ने वालों पर रहेगी। वरिष्ठों ने युवाओं को सामाजिक अनुशासन और परंपराओं से जुड़ने की सीख दी। बैठक में कई गांवों के युवक-युवतियों और समाज प्रतिनिधियों ने भाग लिया।




