आरंग। जनपद पंचायत आरंग की सामान्य सभा में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पारित गंभीर प्रस्तावों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। जनप्रतिनिधियों द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने तथा संकुल समन्वयक को हटाने की अनुशंसा किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं।
16 फरवरी 2026 को आयोजित जनपद पंचायत आरंग की सामान्य सभा में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सदस्यों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि वे जनपद पंचायत के प्रस्तावों का पालन नहीं करते तथा मांगी गई आवश्यक सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं कराते हैं।
कार्यवाही विवरण के अनुसार इस विषय पर चर्चा के बाद जनपद पंचायत ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। वहीं बैठक में संकुल समन्वयक धनंजय साहू के कार्यों पर भी आपत्ति जताई गई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों में व्यवस्था संचालन से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका विवादास्पद रही है। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भगवान साहू को संकुल समन्वयक पद से तत्काल हटाकर आरंग विकासखंड से अन्यत्र पदस्थ किया जाए।
बैठक के निर्णयों की प्रतियां कलेक्टर रायपुर, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई थीं। दस्तावेजों पर प्राप्ति की मुहरें भी दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रस्ताव संबंधित विभागों तक पहुंच चुका था।
इसके बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है और न ही संकुल समन्वयक को हटाए जाने का आदेश जारी हुआ है। इससे जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब जनपद पंचायत की सामान्य सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों पर भी अमल नहीं हो रहा है, तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं और निर्णयों का महत्व आखिर कितना रह गया है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर दोनों अधिकारियों के खिलाफ पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई कब होगी।






