बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के गृह जिले बलौदाबाजार में एक महिला राजस्व अधिकारी पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। कसडोल क्षेत्र के ग्राम चांटीपाली निवासी किसान कमल ओगरे ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग से परेशान होकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मामला राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है।
जानकारी के अनुसार किसान के बेटे राज ओगरे का आरोप है कि वह महानदी से ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था, तभी नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने ट्रैक्टर को रोक लिया। परिजनों का कहना है कि ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर वाहन को कसडोल थाने में खड़ा करा दिया गया। परिवार का दावा है कि उसी दौरान पकड़े गए दो अन्य ट्रैक्टर कथित लेन-देन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि उनका ट्रैक्टर जब्त रखा गया।
परिवार के मुताबिक कमल ओगरे पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ट्रैक्टर जब्त होने और कथित रिश्वत मांग से वे गहरे तनाव में आ गए और इसी से परेशान होकर उन्होंने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। बीएमओ वंदना भेले ने बताया कि किसान की हालत अब खतरे से बाहर है और लगातार निगरानी में रखा गया है।
विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली या दबाव बनाया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधायक ने रेत परिवहन, ट्रैक्टर जब्ती और कथित लेन-देन के पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
वहीं नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत थी और किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने एसडीएम को तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच में ट्रैक्टर जब्ती की प्रक्रिया, रेत परिवहन कार्रवाई, रिश्वत मांगने के आरोप और किसान द्वारा जहर सेवन की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बलौदाबाजार जिला राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा का गृह जिला है। ऐसे में एक महिला राजस्व अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर एसडीएम जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है।




