दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में एक आरक्षक पर महिला से छेड़छाड़ एवं दुराचार की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है। पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक अरविंद मेंढ़े के खिलाफ पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 64(2)(क)(i) के तहत केस दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया है।

मदद के बहाने छेड़छाड़ का आरोप
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा पॉक्सो मामले में जेल में बंद है। इसकी जानकारी होने के बाद आरक्षक अरविंद मेंढ़े उससे बार–बार संपर्क करने लगा और बेटे को जमानत दिलाने तथा जेल से छुड़ाने का आश्वासन देने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि इसी बहाने वह उसे मंगलवार को चरोदा बस स्टैंड पर मिलने बुलाया। वहां आरोपी ने पहले गलत तरीके से छुआ और फिर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर भी उसने जबरन उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ और कहा कि दो दिन बाद फिर मिलने आओ, तभी वह उसके बेटे की मदद करेगा। महिला ने बताया कि आरोपी लगातार फोन कर उसे मिलने के लिए दबाव डाल रहा था।
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हिंदूवादी संगठन का थाने में प्रदर्शन
मामले की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठन की सदस्य ज्योति शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपी आरक्षक की तत्काल गिरफ्तारी और निलंबन की मांग करते हुए थाने का घेराव किया। स्थिति बिगड़ते देख एएसपी पद्मश्री तंवर मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद लोग शांत हुए।
पीड़िता ने ऑडियो व स्क्रीनशॉट सौंपे
ज्योति शर्मा ने बताया कि पीड़िता ने मुलाकात के दौरान हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं। महिला का कहना है कि आरक्षक उसे जांजगीर के पास यार्ड ले गया था और वहीं उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की।
आरक्षक सस्पेंड, जांच के आदेश
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने आरक्षक अरविंद मेंढ़े को निलंबित कर रक्षित केंद्र भेज दिया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सीएसपी भारती मरकाम को सौंपी गई है, जिन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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रेप की गंभीर धारा में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी पर बीएनएस की धारा 64(2)(क)(i) लगाई है, जो पुलिसकर्मी द्वारा अधिकार का दुरुपयोग कर थाने या हिरासत में किसी महिला के साथ रेप करने से संबंधित है। इस धारा में कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है, जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।




