जगदलपुर। बस्तर जिले के गोंदियापाल स्थित बालक आश्रम में हुई आकस्मिक जांच के दौरान गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। छात्रों से मिली शिकायतों के आधार पर कलेक्टर बस्तर ने आश्रम के प्रभारी अधीक्षक एवं सहायक शिक्षक सुकरू राम बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निरीक्षण के दौरान छात्रों ने कलेक्टर से शिकायत की कि अधीक्षक न केवल उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं, बल्कि अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षक उन्हें अश्लील वीडियो दिखाते हैं और उसका अनुकरण करने के लिए दबाव डालते हैं। इन गंभीर आरोपों को सुनते ही कलेक्टर ने मामले को प्राथमिकता से लिया और तत्काल रिपोर्ट सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जगदलपुर को सौंपी।
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सहायक आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि अधीक्षक बघेल का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है तथा यह कदाचार की श्रेणी में आता है। आदेश में उल्लेख है कि इस तरह का व्यवहार किसी भी शासकीय कर्मचारी से अपेक्षित आचरण के विपरीत है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
कलेक्टर बस्तर ने आदेश जारी करते हुए बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बस्तर में रहेगा तथा उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
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जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोष सिद्ध होने पर आगे की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि आश्रमों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि है तथा इसमें किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।




