नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा 2025 की शुरुआत 3 जुलाई से होने जा रही है और इसे लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब तक करीब 3.5 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि जिन श्रद्धालुओं ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके लिए जम्मू में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा सोमवार से शुरू हो गई है।
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प्रशासन की ओर से जम्मू में तीन नए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र—वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन सभा—स्थापित किए गए हैं। ये सभी केंद्र सुबह 7 बजे से खुलेंगे और प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन दो हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा तीर्थयात्रियों के लिए विशेष रजिस्ट्रेशन सेंटर भी बनाए गए हैं। तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवतीनगर बेस कैंप से रवाना होगा। यात्रा दो प्रमुख मार्गों—पारंपरिक पहलगाम रूट (48 किमी) और बालटाल रूट (14 किमी)—से होगी। यह यात्रा 38 दिनों तक, यानी 9 अगस्त तक चलेगी।
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यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जोश और आस्था की झलक साफ दिखाई दे रही है। एक श्रद्धालु ने कहा, “पहलगाम हमले के बावजूद श्रद्धालुओं में कोई डर नहीं है। हमें प्रशासन और सेना पर भरोसा है। बाबा अमरनाथ की कृपा से यात्रा निर्विघ्न होगी।” दूसरे श्रद्धालु ने कहा, “आतंकियों की धमकियों का कोई असर नहीं होगा। हम सरकार और सेना के साथ हैं और सभी को जम्मू-कश्मीर आकर यात्रा में भाग लेना चाहिए।” प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।




