बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के मामले में आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। छांगुर बाबा पर धर्मांतरण की साजिश रचने और इसके लिए अलग-अलग धर्म व जातियों के लिए शुल्क तय करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश को अंजाम दिया जा रहा था, लेकिन सरकार ने समय रहते इस पर बड़ी कार्रवाई की है। छांगुर बाबा जैसे लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश के स्वरूप को बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।
धर्मांतरण के लिए तय किए गए थे अलग रेट
सीएम योगी ने खुलासा किया कि छांगुर बाबा ने अलग-अलग जातियों और समुदायों के लोगों के धर्मांतरण के लिए अलग-अलग रेट तय किए थे। उन्होंने बताया कि “ब्राह्मण, क्षत्रिय, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजातियों सहित हर वर्ग के लिए कीमतें निर्धारित की गई थीं। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित था और इसके पीछे विदेशी फंडिंग भी सक्रिय थी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और जो भी इस साजिश में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
विदेशी फंडिंग का भी शक
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि छांगुर बाबा को विदेशों से फंडिंग मिलने के संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
सरकार की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि धर्मांतरण के नाम पर देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। बलरामपुर की घटना ने एक बार फिर अवैध धर्मांतरण जैसे गंभीर मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी हैं।




