नई दिल्ली। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) की जीत के बाद आयोजित समारोह में हुई भगदड़ के मामले में गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार को अहम सुनवाई की। यह याचिका आरसीबी के मार्केटिंग हेड की ओर से दायर की गई है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार देते हुए अंतरिम राहत की मांग की गई है।
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याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा आरसीबी, डीएनए नेटवर्क और केएससीए (कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ) के अधिकारियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए थे। उन्होंने दलील दी कि पुलिस के पास याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।
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सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के जज ने मामले को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि अंतरिम राहत की मांग पर आदेश मंगलवार सुबह 10:30 बजे सुनाया जाएगा।
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के बयान पर भी सवाल उठे। कोर्ट ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से “गिरफ्तार करो” शब्द का इस्तेमाल किया था? इस पर राज्य के एडवोकेट जनरल (एजी) ने कहा कि फिलहाल यह मुद्दा नहीं है, लेकिन कोर्ट ने जोर देते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि मुख्यमंत्री ने वास्तव में ऐसा कहा था या नहीं। इस पर एजी ने जवाब दिया कि उन्हें इस बयान की पुष्टि करनी होगी।
अब इस बहुचर्चित मामले में मंगलवार को हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश पर सभी की निगाहें टिकी हैं।




