नई दिल्ली। 1 जुलाई से देश के दो प्रमुख प्राइवेट बैंक – ICICI और HDFC – अपने ग्राहकों के लिए कई अहम बदलाव लागू करने जा रहे हैं। इसमें ATM ट्रांजेक्शन, IMPS, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, डिमांड ड्राफ्ट और ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े चार्ज शामिल हैं। इन बदलावों का सीधा असर करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
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ICICI बैंक के नए चार्ज:
अब ICICI ग्राहक अगर किसी अन्य बैंक के ATM का इस्तेमाल करते हैं तो सिर्फ 3 ट्रांजेक्शन ही फ्री होंगे। इसके बाद वित्तीय ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और गैर-वित्तीय ट्रांजेक्शन पर 8.5 रुपये चार्ज लगेगा। वहीं, IMPS के लिए भी चार्ज बढ़ा दिए गए हैं – 1,000 रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर 2.5 रुपये, 1 लाख तक पर 5 रुपये और 5 लाख तक पर 15 रुपये शुल्क लगेगा।
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ग्राहकों को हर महीने तीन बार कैश निकासी की सुविधा फ्री मिलेगी। इसके बाद 150 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क लगेगा। 1 लाख रुपये से ज्यादा की नकद निकासी पर 3.5 रुपये प्रति 1,000 रुपये या 150 रुपये, जो भी अधिक हो, वसूला जाएगा।
HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड नियम:
ड्रीम11, MPL जैसे गेमिंग ऐप्स पर अगर ग्राहक 10,000 रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं तो 1% अतिरिक्त शुल्क लगेगा, जो अधिकतम 4,999 रुपये तक सीमित रहेगा। इन ट्रांजेक्शन पर कोई रिवॉर्ड पॉइंट भी नहीं मिलेगा। थर्ड पार्टी वॉलेट में 10,000 रुपये से अधिक डिपॉजिट करने पर भी यही चार्ज लगेगा।
किराया, फ्यूल और यूटिलिटी बिल जैसे पेमेंट्स पर भी अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा। 15,000 रुपये से अधिक के फ्यूल ट्रांजेक्शन, 50,000 रुपये से ज्यादा के यूटिलिटी बिल और सभी किराया भुगतान पर 1% शुल्क लगेगा।
निष्कर्ष:
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि 1 जुलाई से पहले इन नियमों की जानकारी अच्छे से ले लें ताकि कोई अनचाहा आर्थिक बोझ न पड़े।




