Khabarwaad national Desk: सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। कश्मीरी पंडितों समेत प्रवासियों की टारगेट किलिंग को अंजाम देने वाले बासित अहमद डार को पुलिस ने मार गिराया। बासित डार के नेतृत्व में ही TRF ने पिछले 5 वर्षों के दौरान घाटी में कई हमले किए. इसमें दर्जनों लोगों की हत्या कर दी गई. आतंकी बासित डार सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था और उस पर 10 लाख का इनाम घोषित किया गया था.
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अधिकारियों के मुताबिक, बासित कई हत्याओं का मास्टरमाइंड था. रेडवानी के कुलगाम का निवासी बासित, जो अपने घर से लापता हो गया था. इसके बाद वह लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में शामिल हो गया था. आतंकी संगठन से जुड़ने पर उसने कई टारगेट किलिंग को अंजाम दिया. उसे आतंकी संगठन टीआरएफ का कश्मीर चीफ बनाया गया था. सुरक्षाबलों को उसकी लंबे समय से तलाश थी. पिछले साल ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बासित अहमद डार पर 10 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. इनामी राशि की घोषणा दक्षिण कश्मीर के कुलगाम के रेडवानी पाईन के बासित अहमद डार के खिलाफ दर्ज मामले 32/2021/एनआईए/डीएलआई में की गई थी.
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पिछले साल TRF के हमले में ही तीन अधिकारी हुए थे शहीद
बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बड़ा आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, बटालियन कमांडिंग मेजर आशीष धोनैक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट शहीद हो गए थे. ये हमला अनंतनाग के कोकरनाग के हलूरा गंडूल इलाके में हुआ था. यहां पर आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था. इसके बाद सेना और पुलिस ने मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया और इसी दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी. टीआरएफ ने दावा किया था कि उसने पाकिस्तान की मस्जिद में मारे गए लश्कर कमांडर रयाज अहमद उर्फ कासिम की मौत का बदला लिया है. 8 सितंबर को रावलकोट की मस्जिद में आतंकी कासिम की हत्या कर दी गई थी.




