जगदलपुर। बस्तर के दरभा क्षेत्र का निवासी प्रियांशु कश्यप अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की गिरफ्त में है। हरियाणा के रोहतक से उसे गिरफ्तार किया गया है। प्रियांशु पर आरोप है कि वह नक्सलियों के अर्बन नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और दिल्ली में पढ़ाई के दौरान नॉर्थ रीजनल ब्यूरो (NRB) को पुनः सक्रिय करने की साजिश में लगा था।
लंबे समय से थी एनआईए की नजर
सूत्रों के अनुसार, एनआईए की नजर प्रियांशु पर काफी समय से थी। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, टैबलेट, मेमोरी कार्ड और माओवादी साहित्य बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह शहरी क्षेत्रों में संगठन की जड़ें मजबूत करने में लगा हुआ था।
नेटवर्क की परतें खुल रही हैं
प्रियांशु की गिरफ्तारी से पहले इसी मामले में हरियाणा और पंजाब में काम कर रहे माओवादी स्टेट ऑर्गनाइजिंग कमेटी इंचार्ज अजय सिंगल उर्फ अमन और सीपीआई (माओवादी) के सदस्य विशाल सिंह को भी एनआईए ने हिरासत में लिया था। इन सभी गिरफ्तारियों से नक्सलियों के शहरी नेटवर्क की जटिल परतें खुलने लगी हैं।
पूछताछ में जुटी जांच एजेंसी
एनआईए अधिकारी फिलहाल प्रियांशु से गहन पूछताछ कर रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उसका संपर्क किन-किन संगठनों या लोगों से था, और क्या वह किसी स्लीपर सेल या रिक्रूटमेंट मॉड्यूल का हिस्सा भी था।
शहरी नेटवर्क पर करारा वार
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रियांशु की गिरफ्तारी माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है, खासकर उस समय जब वे शहरों में नेटवर्क पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे। यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई का संकेत भी देती है। फिलहाल प्रियांशु को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।




