दंतेवाड़ा। दो दिन के अंतराल में नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में पूर्व सरपंच रामधर अलामी को मौत के घाट उतार दिया। नक्सलियों के पूर्व बस्तर डिविजन कमेटी ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। शव के पास माअवादियों ने एक पर्चा भी फेंका है।
जानकारी के मुताबिक हितामेटा गांव के पूर्व सरपंच रामधर अलामी पारिवारिक काम से नारायणपुर के मुरूमवाड़ा, थुलथुली गांव गया हुआ था। इसी दौरान नक्सलियों ने थुलथुली गांव से पूर्व सरपंच को अगवा कर लिया। जिसके बाद धारदार हथियार से गला रेतकर नक्सलियों ने रामधर को मौत के घाट उतार दिया। फिर शव को हिकुल गांव के जंगलों में फेंक दिया। शव के साथ ही नक्सलियों ने पर्चा भी फेंका। सुबह होते ही लोगों ने शव को देखा।
जानिए पर्चा में क्या लिखा था
नक्सलियों के पूर्व बस्तर डिविजन कमेटी ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए पर्चे में लिखा कि जनविरोधी मुखबिर और गोपनिक सैनिक के तौर पर काम ने करने की समझाईश रामधर अलामी को तीन बार दी गई थी। साथ ही 2017 से लेकर 2023 तक जनविरोधी कार्यों के अलावा सरेंडर पॉलिसी योजना और बोधघाट बांध में पैसा खाने का आरोप नक्सलियों ने पूर्व सरपंच पर लगाया। लेकिन समझाईश के बाद न समझने पर आज रामधार को मौत की सजा दी जाती हैं।
10 फरवरी को बीजेपी नेता की हत्या
नारायणपुर के छोटे डोंगर में बीजेपी नेता सागर साहू की नक्सलियों ने हत्या कर दी। जिस वक्त वो घर में बैठकर टीवी देख रहे थे, तभी बाइक सवार दो अज्ञात लोग आए और घर में घुसकर सागर साहू के सिर पर गोली मार दिया। जिन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। बता दे कि बीजेपी नेता का घर छोटे डोंगर से महज 100 मीटर की दूरी पर ही है। वही आसपास के लोगों ने बताया कि सागर साहू को पहले भी नक्सलियों ने जान से मारने की धमकी दे चुके थे। एक हफ्ते के भीतर नसलियों ने दो बीजेपी नेताओं को मौत के घाट उतार दिया।




