सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जुलाई को मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन 2025 जारी की है। इन नई गाइडलाइन्स के तहत कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक किराया वसूलने की अनुमति दी गई है।
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अब तक यह सीमा बेस फेयर से सिर्फ 1.5 गुना तक ही तय थी। नई व्यवस्था से कैब सेवा देने वाली कंपनियों को अधिक लचीलापन मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को व्यस्त समय में अधिक किराया देना होगा।
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पीक ऑवर वह समय होता है जब टैक्सी या कैब की मांग सबसे अधिक होती है। आमतौर पर यह सुबह 9 बजे और शाम 6 से 7 बजे के बीच होता है, जब लोग ऑफिस या स्कूल के लिए यात्रा करते हैं।
सरकार के अनुसार यह सर्ज प्राइसिंग व्यवस्था केवल पीक ट्रैफिक समय पर लागू होगी। वीकेंड, छुट्टियों या त्योहारों पर इसे लागू नहीं किया जाएगा क्योंकि उन दिनों अधिकांश कर्मचारी छुट्टी पर होते हैं और कैब की मांग अपेक्षाकृत कम रहती है।
इस बदलाव का उद्देश्य ट्रैफिक समय में कैब की उपलब्धता बनाए रखना और ड्राइवरों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देना है।




