नई दिल्ली: देश को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जनगणना का समय आ गया है। गृह मंत्रालय ने सोमवार को जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना और जातिगत जनगणना के लिए आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी। यह पहली बार है जब भारत में जनगणना के साथ जातिगत जनगणना भी होगी। इसके साथ ही जनगणना से जुड़ी एजेंसियां सक्रिय हो जाएंगी, जिसमें स्टाफ नियुक्ति, प्रशिक्षण, फॉर्मेट तैयार करना और फील्ड वर्क की योजना शामिल है।
भारत में 2027 में होगी अगली जनगणना, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना
भारत में हर दस साल में होने वाली जनगणना दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक है। यह देश की आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाती है। कोविड महामारी के कारण 2021 में होने वाली जनगणना स्थगित हो गई थी, जिसके चलते अब यह 2025 में शुरू हो रही है। अगली जनगणना 2035 में होगी।
जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण 1 अक्टूबर 2026 तक और दूसरा चरण 1 मार्च 2027 तक पूरा होगा, जिसमें 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को संदर्भ तिथि माना जाएगा। हिमालयी और दुर्गम राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में मौसम की चुनौतियों को देखते हुए प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 तक पूरी होगी।
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जनगणना का प्राथमिक डेटा मार्च 2027 में और विस्तृत डेटा दिसंबर 2027 तक जारी हो सकता है। इसके बाद 2028 में लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन शुरू होगा, जिसमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू हो सकता है। इससे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षित सीटों की स्थिति स्पष्ट होगी।




