CG Politics News: छत्तीसगढ़ के चित्रकोट में 18 नवंबर को बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस बैठक को पिकनिक बताया है। उन्होंने कहा कि, इस तरह की मीटिंग जिला मुख्यालयों में होती है, लेकिन यह लोग पर्यटन स्थल पर कर रहे रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि, यह साल में होने वाली पहली बैठक है, वो भी सरकार पर्यटन स्थल पर कर रही है।
सरकार के पास पैसा नहीं
दीपक बैज ने कहा कि, भाजपा की सरकार-मंत्री इस बैठक में चाहे जो तय कर लें, लेकिन इस बैठक से होगा क्या ? क्योंकि सरकार के पास पैसा नहीं है। वो इस बैठक में अगर कोई कार्य योजना तय भी कर लेती है, तो उस पर काम कैसे होगा ? यह प्राधिकरण का बैठक नहीं है। भाजपा के नेता यहां पिकनिक मनाने जा रहे हैं।
Read Also- PM मोदी को बाइडेन जैसे भूलने की बीमारी, भाषण देते वक्त भूल जाते हैं कि क्या कहना है- राहुल गांधी
1 साल में हो जानी थी कार्ययोजना तैयार- कांग्रेस
CG Politics News: बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, सरकार को बने एक साल हो गए और अब बैठक हो रही है। अब तक कार्ययोजना तैयार हो जानी चाहिए थी। अब तक बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक दो बार हो जानी थी। 5 साल पहले वहां के लिए जो लक्ष्य निर्धारण किया गया था उसकी समीक्षा की जानी थी। बस्तर में 7 जिले आते हैं एक बड़ा भू भाग विकास से वंचित है। बस्तर को समानांतर रूप से आगे लाने के लिए विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। हमारी सरकार ने स्थानीय विधायक को अध्यक्ष बनाया था।
भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बैठक
राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह पहली बैठक चित्रकोट में आयोजित की जा रही है। CM विष्णुदेव साय, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी समेत अन्य नेता शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि, इस बैठक में बस्तर में विकास को लेकर बजट और विकास के कार्यों की योजनाओं पर मंथन किया जाएगा।
Read Also- भाजपा का कांग्रेस पर हमला बोल, कहा- लोगों को दवा चाहिए थी तब भूपेश सरकार शराब बेच रही थी
मुख्यमंत्री खुद अध्यक्ष हैं
CG Politics News: जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बस्तर MLA लखेश्वर बघेल थे। अब भाजपा की सरकार में मुख्यमंत्री खुद अध्यक्ष हैं। 18 नवंबर को होने वाली इस बैठक में संभाग के सभी जिलों के विकास की योजनाओं पर मंथन होगा। साथ ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक हितों के संरक्षण के लिए योजना बनेगी।
विकास कामों को लेकर होगी चर्चा
वहीं, जनजाति विकास की नीतियों और प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में मुख्यमंत्री, गृह, स्वास्थ्य, वन, खाद्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, DGP, पंचायत विभाग, कृषि, ऊर्जा, स्कूल शिक्षा, जल संसाधन, जनसंपर्क, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास विभाग समेत अन्य डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिव मौजूद रहेंगे।




