ख़बरवाद नेशनल डेस्क। दुनिया भर के कई देश कोरोना संक्रमण के फिर से चपेट में आने लगा है। हालांकि भारत में स्थिति अभी सामान्य है। लेकिन कब हाथ से सबकुछ निकलने लगे। इसलिए ऐतिहात जरुरी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन से आ रहे कोरोना आंकड़ों के मद्देनजर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए पॉजिटिव केसों का सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने को कहा है, ताकि अगर कोई नया वैरिएंट मौजूद हो तो उसका पता लगाया जा सके। इसी को देखते हुए आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया कोरोना पर एक समीक्षा बैठक करेंगे।
चीन में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महामारी विशेषज्ञों का चीन में कोरोना विस्फोट को लेकर किया जा रहा दावा चौंकाने वाला है। दावा किया जा रहा है कि अगले 90 दिनों चीन की 60 फीसदी आबादी कोरोना की चपेट में होगी। न सिर्फ चीन बल्कि जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और अमेरिका में भी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं।
एशिया, यूरोप सहित कई देशों में कोरोना के मामले में भारी उछाल देखा गया है। दो नवंबर को वैश्विक मामले 3.3 लाख थे। इसके बाद से यह लगातार बढ़ रहे हैं। 18 दिसंबर को यह आंकड़ा 55 प्रतिशत बढ़कर 5.1 लाख पहुंच गया।
जापान में कोरोना के मामलों में सबसे अधिक उछाल देखा गया है। बीते सात दिनों में यहां एक मिलियन से भी ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। यह पिछले सप्ताह से 23% की उछाल है। इस सप्ताह देश में 1,600 से अधिक मौतें हुई हैं, जो करीब 19 प्रतिशत का उछाल है। वहीं, दक्षिण कोरिया ने पिछले सप्ताह 450,000 से अधिक ताजा मामले दर्ज किए गए थे, जो बीते सप्ताह से 9% ज्यादा हैं। इसके अलावा ब्राजील, जर्मनी में भी मामले बढ़ रहे हैं। हांगकांग और ताइवान जैसे देशों में एक लाख नए मामलों की सूचना मिली है




