टेस्ला के प्लान के मुताबिक यदि सरकार भारत में ऑपरेशनल के पहले दो सालों के दौरान इंपोर्टिड वाहनों पर 15 फीसदी की छूट देती है तो अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार मेकर टेस्ला लोकल फैक्ट्री स्थापित करने के लिए 2 बिलियन डॉलर का निवेश करने को तैयार है. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि टेस्ला ने सरकार को एक डिटेल्ड प्लान सौंपा है. इस प्लान में इंवेस्टमेंट का वॉल्यूम टेस्ला की इंपोर्टिड कारों की संख्या से जोड़ा गया है.
क्या चाह रही है सरकार?
सरकार चाहती है कि अमेरिकी कार मेकर ने जो इंपोर्टिड कारों पर जो रियायत मांगी है उसकी संख्या को कम करें. जानकारी के मुताबिक सरकार इस बात का भी मूल्यांकन कर रही है कि क्या चालू वित्त वर्ष (10,000 यूनिट्स) में भारत में बेचे जाने वाली कुल ईवी पर रियायती टैरिफ को 10 फीसदी पर किया जा सकता है और इसे अगले वित्त वर्ष में 20 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है. मौजूदा वित्त वर्ष 2023 में करीब 50,000 ईवी बेची गई हैं और चालू वित्त वर्ष में इसकी संख्या एक लाख जाने की उम्मीद है. टेस्ला 2 सालों में भारत में निर्मित कारों के मूल्य का 20 फीसदी तक लोकलाइज करने और 4 सालों में इसे 40 फीसदी तक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हो सकता है.




