भारतीय थलसेना को लंबे समय से प्रतीक्षित अमेरिकी अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर की पहली खेप मिल गई है। यह उन्नत हेलीकॉप्टर अब जोधपुर में तैनात किए जाएंगे, जिससे पश्चिमी मोर्चे पर भारत की सैन्य शक्ति और हमलावर क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही अपाचे हेलीकॉप्टर मौजूद हैं, लेकिन पहली बार थलसेना को यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म सौंपा गया है।
रात्रि अभियानों में भी सक्षम
अपाचे हेलीकॉप्टर में अत्याधुनिक नाइट विजन और थर्मल सेंसर लगे हैं, जो इसे रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम बनाते हैं। इसका टारगेट एक्विजिशन सिस्टम और पायलट नाइट विजन सेंसर दुश्मन की सटीक पहचान कर उसे निशाना बनाने में मदद करता है। यह हेलीकॉप्टर महज 60 सेकंड में 128 गतिशील लक्ष्यों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखता है।
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एडवांस्ड रडार और संचार प्रणाली
अपाचे में AN/APG-78 लॉन्गबो रडार और ज्वाइंट टैक्टिकल इन्फॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (JTIDS) जैसी उन्नत डिजिटल कनेक्टिविटी सुविधाएं हैं। साथ ही इसमें सीडीएल और केयू फ्रिक्वेंसी बैंड के जरिए अत्याधुनिक संचार प्रणाली भी मौजूद है।
ध्वंसात्मक हथियार प्रणाली
अपाचे हेलीकॉप्टर 625 राउंड प्रति मिनट की दर से फायरिंग करने में सक्षम है। इसमें AGM-114 हेलफायर मिसाइल प्रणाली लगी है जो टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट कर सकती है। साथ ही, हाइड्रा 70 रॉकेट जमीनी ठिकानों पर प्रहार करने में प्रभावी है। इसमें लगी स्ट्रिंगर मिसाइल हवा से हवा में मार करने वाली है, जबकि स्पाइक NLOS मिसाइल लंबी दूरी तक सटीक स्टैंड-ऑफ हमले कर सकती है। यह हेलीकॉप्टर एक ही समय में 16 लक्ष्यों पर हमला करने की भी क्षमता रखता है।
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उड़ान क्षमता और रफ्तार
अपाचे की अधिकतम गति 280 से 365 किमी प्रति घंटा तक है और यह एक बार में लगभग 3 से 3.5 घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 480 से 500 किमी है, जिसे बाहरी ईंधन टैंक के साथ और भी बढ़ाया जा सकता है।
मल्टी मिशन ऑपरेशन में निपुण
अपाचे को मल्टी-मिशन और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह MQ-1C ग्रे ईगल जैसे ड्रोन को नियंत्रित करने में भी सक्षम है, जिससे लक्ष्य की खोज और निगरानी अधिक प्रभावशाली बनती है। यह हेलीकॉप्टर सेना के स्ट्राइक कोर को निर्णायक युद्ध क्षमता प्रदान करता है।
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मजबूत डिजाइन और सुरक्षा क्षमता
इस हेलीकॉप्टर को दो पायलटों के लिए डिजाइन किया गया है। एक उड़ान नियंत्रित करता है जबकि दूसरा हथियार प्रणाली संभालता है। इसका वजन 6,838 किलोग्राम है और अधिकतम टेकऑफ वजन 10,433 किलोग्राम तक जा सकता है। इसे बैलिस्टिक मिसाइल और छोटे हथियारों से बचाने के लिए मजबूत कवच से लैस किया गया है।




