ग्वालियर। गरीबों के लिए PDS (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) के तहत भेजे गए गेहूं की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। ट्रांसपोर्ट नगर में छापेमारी से खुलासा हुआ कि सरकारी अनाज प्राइवेट गोदामों में पहुंच रहा था। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद सिंह भदौरिया की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर 06 में एक प्राइवेट गोदाम से 860 बोरी गेहूं जब्त किया गया, जिसका वजन 435.17 क्विंटल है। इस गेहूं को गरीबों के लिए PDS के तहत वितरित किया जाना था।
प्राइवेट गोदाम में कैसे पहुंचा सरकारी अनाज?
जांच में सामने आया कि यह अनाज रायसेन जिले से ग्वालियर लाया गया था और इसे नागरिक आपूर्ति निगम के सरकारी गोदाम में जमा करना था। लेकिन यह रहस्यमय ढंग से प्राइवेट गोदाम में पहुंच गया। सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी अनाज प्राइवेट हाथों में कैसे गया? क्या इसके पीछे कोई बड़ा कालाबाजारी नेटवर्क काम कर रहा है? अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गेहूं को जब्त कर लिया, जिसकी कीमत करीब 11 लाख 70 हजार 238 रुपये आंकी गई है।
सख्त कार्रवाई का वादा
जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा, “यह कार्रवाई PDS सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए की गई है। प्राइवेट गोदाम में अनाज के दुरुपयोग की पूरी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।” यह गोदाम लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों के लिए नजर में था।




