नई दिल्ली। देश के पूर्वोत्तर राज्यों में 29 मई को दस्तक देने के बाद मानसून फिलहाल वहीं ठहरा हुआ है। इससे मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और सिक्किम में भारी बारिश हो रही है। इस बीच आज मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 20 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
गोधन न्याय योजना और मनरेगा में भ्रष्टाचार का आरोप: आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण
असम में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। यहां 22 जिलों के 1254 गांवों के 5.35 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक बाढ़ और भूस्खलन से 11 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य की 15 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सड़कों और रेलमार्गों के साथ बोट सर्विस भी ठप हो गई है। 165 राहत शिविरों में 31,212 लोगों को आश्रय दिया गया है।
सिक्किम के उत्तरी भागों में लाचेंग-चुंगथांग कस्बों में लैंडस्लाइड के कारण फंसे 1678 पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया है, जबकि 100 से ज्यादा अब भी फंसे हुए हैं। मंगन जिले में बाढ़ को आपदा घोषित कर दिया गया है। 31 मई को जिले के छातेन में सेना के कैंप पर भूस्खलन की घटना में 3 जवानों की मौत हो गई थी, जबकि 6 जवान अब भी लापता हैं।
लकड़ी तस्करों का आतंक : वनकर्मियों पर कुल्हाड़ी से हमला, डिप्टी रेंजर घायल
बिहार के सीवान जिले में सोमवार को आंधी और बारिश के दौरान दीवार और पेड़ गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। जयपुर में भी दीवार गिरने की एक घटना में एक महिला की मौत हुई। मध्य प्रदेश के 38 जिलों में आज तेज आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून से पहले की भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।




