रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आगामी विधानसभा के मानसून सत्र से पहले हुई इस अहम बैठक में शिक्षा, शहरी विकास, प्रशासनिक सुधार, राजस्व, कौशल विकास और व्यापार से जुड़े कई विधेयकों के प्रारूपों पर सहमति बनी।
भू-राजस्व और शहरी विकास के क्षेत्र में अहम फैसले
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप को स्वीकृति दी। इस संशोधन से अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी रोक लगेगी, भू-अभिलेखों का अद्यतन सरल होगा, और भूमि विवादों में कमी आएगी। जियो-रेफरेंस मैपिंग के जरिए नक्शा बंटवारा पारदर्शी ढंग से हो सकेगा। साथ ही, नामांतरण प्रक्रिया भी आसान होगी, जिससे वारिसों को सहूलियत मिलेगी।
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इसके अलावा, रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर जैसे तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन के लिए विधेयक के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई। यह प्राधिकरण योजना निर्माण, निवेश संवर्धन और बहु-एजेंसी समन्वय का कार्य करेगा। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक राजधानी क्षेत्र में 50 लाख की आबादी निवास करेगी, जिसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
युवाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल
राज्य सरकार ने पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के साथ मिलकर एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी दी है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति, अन्य वंचित वर्गों, महिलाओं और तृतीय लिंग के लोगों को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त करेगी। प्रशिक्षकों को पैनआईआईटी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा।
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छात्रों के लिए स्टार्टअप और नवाचार नीति लागू
मंत्रिपरिषद ने छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति लागू करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50,000 छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स को समर्थन देना, 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना और बौद्धिक संपदा जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस नीति के तहत जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य और निर्माण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
पुलिस अधिकारियों को मिलेगा प्रोन्नति लाभ
राज्य पुलिस सेवा के 2005 से 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने हेतु 30 नए सांख्येतर पदों के सृजन की मंजूरी दी गई। यह निर्णय सेवा प्रबंधन को दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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व्यापारिक सहूलियत और कर मामलों के शीघ्र समाधान हेतु कदम
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूपों को भी मंजूरी दी गई है। इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरकों के नियम अधिक प्रभावी होंगे और व्यापारियों को लंबित कर विवादों के शीघ्र समाधान का अवसर मिलेगा।
परिवहन नियमों में संशोधन
राज्य में मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 और मोटरयान नियम-1994 में संशोधन को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत वाहन मालिक अब अपने पुराने वाहनों के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या अन्य राज्य से आए समान श्रेणी के वाहनों में उपयोग कर सकेंगे। सरकारी वाहनों के लिए यह सुविधा निःशुल्क होगी।
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किसानों के हित में मंडी अधिनियम में संशोधन
छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है। यह निर्णय किसानों की सुविधा और मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई।




