खैरागढ़। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। ‘महादेव बुक’ के बाद अब ‘शिवा एप’ नाम का नया एप सामने आया है, जिसके जरिए करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। खैरागढ़-गंडई-छुईखदान जिले की पुलिस ने इस रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए नागपुर से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
दुर्ग और नागपुर से हुआ संचालन, लिंक दुबई तक
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह एप दुर्ग और नागपुर से संचालित हो रहा था। इसके तार दुबई से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। मुख्य सरगना दुर्ग जिले का निवासी है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
Read Also- नक्सलवाद को करारा झटका: नारायणपुर में 22 नक्सलियों ने हथियार डाले, मुख्यधारा से जुड़ने का लिया संकल्प
महादेव बुक का नया वर्जन शिवा एप
जांच के दौरान यह सामने आया है कि ‘शिवा एप’ उसी सर्वर और सोर्स कोड पर आधारित है, जिस पर महादेव बुक और अन्य प्रतिबंधित सट्टा एप्स चलते थे। पुलिस के मुताबिक, जब महादेव बुक पर कार्रवाई होती है, तो उसी तर्ज पर नया एप तैयार कर लिया जाता है। नाम, लोगो और लेआउट बदलकर नए एप को बाजार में उतारा जाता है, जबकि संचालन का तरीका वही रहता है।
एक साथ कई एप: सबका स्रोत एक
पुलिस को अब तक मिली जानकारी के अनुसार, ‘महादेव बुक’, ‘शिवा बुक’, ‘लोटस’, ‘शिवनाथ’ और ‘अन्ना रेड्डी’ जैसे एप एक ही सर्वर से संचालित होते हैं। ये सभी एक ही कोडबेस पर काम करते हैं, जिससे एप्स को क्लोन करना बेहद आसान हो जाता है।
Read Also- IFS अधिकारी अरुण प्रसाद का इस्तीफा केंद्र सरकार ने किया मंजूर
नगद, मोबाइल, डेटा समेत भारी मात्रा में सामान जब्त
- ₹50,000 नगद
- ₹2.28 लाख बैंक खातों में
- 25 मोबाइल फोन
- 2 लैपटॉप
- 26 एटीएम कार्ड
- 19 बैंक पासबुक
- 14 चेकबुक
- 8 आधार कार्ड
- पासपोर्ट
- सट्टेबाजी से संबंधित रजिस्टर और दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक, आरोपी UPI और बैंक खातों के जरिए 20 करोड़ से अधिक का लेन-देन कर चुके हैं।
सट्टे का संचालन नागपुर के किराए के फ्लैट से
यह नेटवर्क नागपुर के एक फ्लैट से संचालित किया जा रहा था, जिसे आरोपी किराए पर लेकर वहीं से मोबाइल-लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। खैरागढ़ थाना क्षेत्र में 18 जून 2025 को एक स्थानीय युवक को ऑनलाइन सट्टा खेलते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद सर्वर की ट्रैकिंग कर नागपुर तक पुलिस पहुंची।
Read Also- भारतीय रेलवे ने बदला फर्स्ट रिजर्वेशन चार्ट और EQ कोटा का नियम, 14 जुलाई से होंगे नए बदलाव लागू
गिरफ्तार आरोपी
- क्षत्रपाल पटेल (21) – साकिन, डोंगरगढ़
- कुंज पन्ना (24) – किलकिला, थाना बगीचा, जशपुर
- समीर बड़ा (22) – किलकिला, थाना बगीचा, जशपुर
- धनंजय सिंह (34) – चिंगरीपारा, थाना सुपेला, दुर्ग
- चंद्रशेखर अहिरवार (33) – सुपेला, दुर्ग
- डूमेश श्रीवास (21) – सुपेला, भिलाई
Read Also- बस्तर के राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 121 पटवारियों का एक साथ हुआ तबादला, देखें पूरी लिस्ट…
SP लक्ष्य शर्मा का बयान: कार्रवाई अभी बाकी है
खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा ने बताया कि, 18 जून को एक युवक को ऑनलाइन सट्टा खेलते पकड़ा गया था। उससे पूछताछ कर हमने एप के सर्वर को ट्रेस किया, जो दुर्ग और नागपुर तक पहुंचा। नागपुर में कार्रवाई कर पूरी ब्रांच को ध्वस्त किया गया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी शेष है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
हवाला, ड्रग्स और बिटकॉइन से कनेक्शन की जांच
एजेंसियों को संदेह है कि यह नेटवर्क हवाला, ड्रग्स और क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) जैसे संदिग्ध लेन-देन से भी जुड़ा हो सकता है। फिलहाल साइबर सेल जब्त किए गए डेटा और बैंक डिटेल्स की गहनता से जांच कर रही है।




