नई दिल्ली। ढाका में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत सरकार ने बुधवार को बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया। यह कदम बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारतीय मिशन के बाहर हाल के दिनों में जारी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा खतरे की आशंकाओं के मद्देनजर उठाया गया है।
विदेश मंत्रालय ने उच्चायुक्त को बुलाकर भारत की गहरी चिंताओं से अवगत कराया। सूत्रों के अनुसार, उन्हें ढाका में भारतीय मिशन की सुरक्षा व्यवस्था और हालिया घटनाक्रमों के बारे में भारत की चिंताएं बताई गईं। विशेष रूप से कुछ चरमपंथी तत्वों द्वारा मिशन के आसपास सुरक्षा स्थिति बिगाड़ने की घोषणाओं का जिक्र किया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी) के नेता हसनत अब्दुल्लाह के भारत विरोधी बयानों से तनाव बढ़ा है। हसनत अब्दुल्लाह ने एक सार्वजनिक भाषण में भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को अलग करने और अलगाववादी तत्वों को शरण देने की धमकी दी थी। वे अपनी कट्टर भारत विरोधी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं।
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम बांग्लादेश के विजय दिवस (16 दिसंबर) के तुरंत बाद सामने आया है। इस अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन, अंतरिम सरकार और बांग्लादेश की जनता को शुभकामनाएं दी थीं।




