iPhone Pegasus Attack Alert : एप्पल ने आईफोन पर पेगासस जैसे स्पाइवेयर हमले का खतरा जताया है. एप्पल के मुताबिक, ‘मर्सेनरी स्पाइवेयर’ के जरिए आईफोन यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है. इसके जरिए आईफोन तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.इस संबंध में एप्पल ने बुधवार को भारत समेत 98 देशों में अपने उन यूजर्स को चेतावनी मेल भेजा, जो ‘मर्सेनरी स्पाइवेयर’ हमले के संभावित शिकार हो सकते हैं.
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यह स्पाइवेयर इजरायल के एनएसओ ग्रुप के पेगासस जैसा है. इसका मकसद डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच हासिल करना है. मर्सेनरी स्पाइवेयर हमलावर बहुत कम संख्या में विशिष्ट लोगों और उनके डिवाइस को निशाना बनाने के लिए बहुत सारे संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं. इन स्पाइवेयर हमलों की कीमत लाखों डॉलर है. इनका पता लगाना और इन्हें रोकना बहुत मुश्किल है.
एप्पल ने कुछ भारतीय यूजर्स को चेतावनी मेल भेजा
एप्पल ने बुधवार रात कुछ भारतीय यूजर्स को चेतावनी मेल भेजा. इसका विषय था – अलर्ट: एप्पल ने आपके आईफोन पर लक्षित मर्सेनरी स्पाइवेयर हमले का पता लगाया है. मेल में लिखा है, ‘Apple ने पाया है कि आप पर ‘भाड़े के स्पाइवेयर’ का हमला हो रहा है, जो आपके Apple ID -xxx- से जुड़े iPhone को रिमोटली हैक करने की कोशिश कर रहा है. कृपया इसे गंभीरता से लें.’
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कंपनी का इस साल दूसरा अलर्ट
Apple ने अपने यूजर्स को स्पाइवेयर अटैक के बारे में इस साल दूसरा अलर्ट भेजा है. इससे पहले 11 अप्रैल, 2024 को कंपनी ने भारत समेत 92 देशों के iPhone यूजर्स को ऐसा ही अलर्ट भेजा था.
स्पाइवेयर कैसे काम करता है? (iPhone Pegasus Attack Alert)
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आपके डिवाइस में घुसपैठ करता है: ऐसा तब हो सकता है जब आप किसी असुरक्षित वेबसाइट पर जाते हैं, अनजाने में कोई असुरक्षित ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं या फिर कोई फ़ाइल अटैचमेंट खोल लेते हैं.
आपका डेटा कैप्चर करता है: एक बार जब स्पाइवेयर आपके डिवाइस पर आ जाता है, तो यह डेटा इकट्ठा करना शुरू कर देता है, जो आपकी वेब गतिविधियों से लेकर स्क्रीन कैप्चर और आपके कीस्ट्रोक्स तक कुछ भी हो सकता है.
डेटा को किसी तीसरे पक्ष को प्रदान करता है: एक बार जब कैप्चर किया गया डेटा स्पाइवेयर निर्माता के पास पहुंच जाता है, तो वह या तो इसका सीधे खुद इस्तेमाल करता है या किसी तीसरे पक्ष को बेच देता है. डेटा में क्रेडिट कार्ड और बैंक लॉगिन विवरण भी शामिल हो सकते हैं.




