आशीष पदमवार. बीजापुर। जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान कांदुलनार-कचलारम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में छह माओवादियों को मार गिराया है। मारे गए माओवादियों में संगठन के कई बड़े नेता शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में डीकेएसजेडसीएम पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज डीवीसीएम कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, डीवीसीएम मोहन कड़ती और उनके साथ करीब 50-60 माओवादी सक्रिय हैं। इस सूचना पर सुरक्षाबलों ने 11 नवंबर की सुबह बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सुबह करीब 10 बजे कांदुलनार-कचलारम के घने जंगल में माओवादियों ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। घंटों चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने छह माओवादियों को ढेर कर दिया। मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और माओवादी साहित्य बरामद किया गया है।
Read Also- धान खरीदी से पहले सियासी संग्राम तेज: भूपेश बघेल के बयान का अरुण साव ने लिया पटलवार, कहा- लूटने वाली पार्टी कांग्रेस
बरामद हथियार और सामग्री
मुठभेड़ स्थल से दो इंसास रायफल, एक 9 एमएम कार्बाइन, एक .303 रायफल, एक सिंगल शॉट रायफल, एक बारह बोर बंदूक, कई मैग्जीन, कारतूस, ग्रेनेड, रेडियो, स्कैनर, माओवादी वर्दी, साहित्य और मेडिकल सामग्री मिली है। पुलिस का कहना है कि जब्त हथियारों से यह साफ है कि माओवादी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में थे।
मारे गए माओवादियों की पहचान
- डीवीसीएम कन्ना ऊर्फ बुचन्ना कुड़ियम- मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी और 8 लाख रुपये का इनामी नक्सली।
वह लंबे समय से बीजापुर जिले में नक्सली गतिविधियों का मास्टरमाइंड रहा है। उसके खिलाफ 42 आपराधिक मामले दर्ज हैं और 18 स्थाई वारंट लंबित हैं।- 2008 में कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट पर हमला
- 2016 में नुकनपाल कैंप अटैक
- 20 से अधिक ग्रामीणों की हत्या और कई आईईडी विस्फोटों की साजिश
- 2025 में शिक्षकों के अपहरण और हत्या में भी शामिल था
- डीवीसीएम उर्मिला, पत्नी पापाराव (डीकेएसजेडसीएम), निवासी चिंतलनार, जिला सुकमा- पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव और 8 लाख की इनामी नक्सली।
उर्मिला माओवादी संगठन की सप्लाई लाइन और रसद व्यवस्था संभालती थी। वह ग्रामीणों को डराकर संगठन में भर्ती कराती और माओवादी विचारधारा का प्रचार करती थी। उसकी मौत से संगठन की आपूर्ति व्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। - एसीएम जगत तामो ऊर्फ मोटू, निवासी फुल्लोड़, थाना जांगला, जिला बीजापुर — इनामी ₹5 लाख।
- पीएम देवे, निवासी मीनागट्टा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर — इनामी ₹2 लाख।
- पीएम भगत, निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर — इनामी ₹2 लाख।
- पीएम मंगली ओयाम, निवासी पेद्दोजोजेर, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर — इनामी ₹2 लाख।
Read Also- बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल सेक्शन में चौथी लाइन का काम तेज़ी पर!, 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनें रहेंगी रद्द
अभियान की जानकारी दी गई
13 नवंबर को बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, एसटीएफ एसपी स्मृतिक राजनाला और केरिपु ऑप्स डीआईजी राकेश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
लगातार मिल रही है सफलता
एसपी डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक जिले में 144 माओवादी मारे गए, 499 गिरफ्तार हुए और 560 ने आत्मसमर्पण किया है। जनवरी 2024 से अब तक की कार्रवाई में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 गिरफ्तार हुए और 749 ने समाज की मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण किया है।




